हिन्दी को अनिवार्य बनाना होगा...

हिन्दी दिवस की एक झलक...
अंग्रेजी माध्यम एक विद्यालय की,
देखो ये अदभुत् सीख,
प्रवेशद्वार पर लगा था पोस्टर,
'Celebrating Hindi Week'!!

साल के ३६५ दिनों में, मातृभाषा के लिए सिर्फ १ दिन?...
मातृभाषा के लिए सप्ताह और दिवस,
अंग्रेजी युग नें कर लिया पीढियों को वश|
अपने ही घर का रास्ता जो भूल चुके हैं,
मंगल पर जीवन ढूँढने की कर रहे बहस||

देश कि प्रगति मातृभाषा का मान बढ़ाकर संभव है...
गर भारत का करना हो उत्थान तो फिर हिन्दी को अपनाना होगा,
अंग्रेज़ी को 'विषय-मात्र' और हिन्दी को 'अनिवार्य' बनाना होगा||

‘शब्द-शब्द दर्पण है, मीठे-मीठे हैं बोल…’ मुझे गर्व है की मैं उस प्रान्त से हूँ, जहाँ हिंदी पढ़ी, समझी और बोली जाती है| माँ सरस्वती के आशीष से आज अपनी भाषा के प्रचार और प्रसार हेतु कार्य कर रहा हूँ| इस भाषा को अपनी रचनाओं के माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचना चाहता हूँ| इस सफर में मेरे साथ जुड़ने के लिए शुक्रिया|

हिन्दी दिवस कि शुभकामनाएं!

Mid के Mid deal…

Mid के ही Mid हो रही अब तो हर एक Deal,
MidNight करने लगी देखो Mid Day Meal|
देखो Mid Day Meal कहर बच्चों पर ढाती,
ये पापी सरकार इसे खुद क्यों नहीं खाती?

दिल बेकरार है…


स्वप्न ने कराया चाँद से मेरा करार है,

इकरारे मोहब्बत की लंबी कतार है|

कहते हैं आसमान में बनती हैं जोड़ियाँ,

फिर भी उन्ही की चाह में दिल बेकरार है||


हम सब तारे हैं…


टिम-टिम करते आसमान के हम सब तारे हैं,
मुट्ठी में हैं बंद ख्वाब अनगिनत हमारे हैं| 
आशाओं का बीज लिये फिरते रहते हैं, 
इसीलिये Mummy-Daddy के सबसे प्यारे हैं||

अब तो रहने दो...


हमारे दो के सहारे दो,
उन दो के हमारे दो|
फिर उनके भी सपने दो,
सपने ऐसे बढ़ने दो|
बाते सबको कहने दो,
दो.दो.दो.. कहने दो|
7 अरब हो गए भैया,
अब तो बस रहने दो!!

भारत में शिक्षकों का…

माँ-बाप से भी ऊँचा मान होता है|
भारत में शिक्षकों का सम्मान होता है|
प्यार से डाँट से या कभी इनकार से,
शिष्यों के लिए शिक्षक वरदान होता है|
मिट्टी को हीरा सा कोहिनूर बनाना,
नींव के ईंटों में योगदान होता है|
ज्ञान का भण्डार इनके चरणों में यारों,
रोम-रोम इनसे प्रकाश-मान होता है|
जीवन अंश ‘मानस’ चरणों में है अर्पण,
आँख खोल देता, कृपानिधान होता है|
भारत में शिक्षकों का……….||

देश के कर्णधार…

देश के कर्णधार ही हैं जबसे लंगूर हो गए,
आँख पे पट्टी रख गांधारी से मजबूर हो गए|
बह रही हैं स्वार्थ की नदियाँ यहाँ पे दोस्तों,
लोमड़ी की खातिर हम ही अंगूर हो गए||

मुहब्बत करने में…


मुहब्बत करने में जनाब दोष नहीं होता,

हर आशिक को तेरे अर्ज़ पर होश नहीं होता|

फिर भी लहरें टकराती हैं आकर किनारे से,

जानेमन! ‘मानस’ इससे बेहोश नहीं होता||



भ्रष्टाचारियों की शामत है…


‘अंग्रेज़ों’ के बाद अब ‘भ्रष्टाचारियों’ की होनी शामत है,
‘लोकपाल’ गर न पास हुआ तो होनी क़यामत है|
जन -जन की आवाज आज राष्ट्र हित में ही उठी है,
आवाज़ है बुलंद मेरी हिन्दुस्तान की निज़ामत है||


Cinema किसी के साथ...

Cinema किसी के साथ, Shopping किसी के साथ, Dinner किसी और के साथ जाती हैं,
खूबसूरती का ये रहस्य गहरा, न जाने क्यों सबसे छिपाती हैं|
Talent उनका घोर देखकर, ग़लतफहमी में हैं आशिक सारे,
अरे! इन्हीं Savings से ही तो Parlour में Make -Up करवाती हैं||


फैशन की सवारी है...


हिन्दुस्तान में चल रही फैशन की सवारी है,
कौन लड़का, कौन है लड़की confusion ये भारी है|

लड़के Pony -Tail , लड़कियाँ Bob -Cut रखेंगी बाल,
पसन्द भी इनकी जनाब, बहुत प्यारी है|

सर से लेकर पाँव तक, सब-कुछ matching का है,
आखिर, एक आदमी पर कितनी ज़िम्मेदारी है|

अभिनेत्रियों के वस्त्र का देखो गिर रहा है आकार,
महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन में इनकी भी भागेदारी है
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Perfume , Deo , Cream से ही चला लेते हैं काम,
‘हर रोज़ नहाना’, ये भी अज़ब बीमारी है|

आधुनिकता के बाज़ार में खोना मत ‘मानस’,
सब रंगीन है, Black & White टी.वी सी हालत हमारी है||